'तुमसे मैने कितनी बार कहा है कि मुझे मेरे सामान के साथ छेड़छाड़ पसंद नहीं है, मेरी चीज़े इधर-उधर मत किया करो'
'मुझे भी शौक नहीं है तुम्हारा सामान इधर-उधर करने का, पर तुम चीज़े अपनी सही जगह पर रखते ही नहीं,जब देखो इधर-उधर अपना सामान बिखरा कर रखते हो'
आज एक बार फिर स्वाति और आकाश इन छोटी-छोटी बातों पर लड़ते हुए अपने-अपने ऑफिस की तरफ चल दिए। दोनों की अभी हाल ही में शादी हुई थी। दोनों के बीच प्यार तो बहुत था। शादी के सात वचनों ने दोनों को एक-दूसरे के साथ बंधन में भी बांध दिया था, लेकिन अब अक्सर दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों पर नोंकझोंक हो जाती थी, कभी स्वाति, आकाश को नहीं समझ पाती तो कभी आकाश छोटी सी बात पर स्वाति को छिड़क देता।
शादी की रस्मों के पूरा होने के बाद शायद अब भी कुछ ऐसे वादे थे जो दोनों को एक-दूसरे से करने थे। वैसे, सिर्फ स्वाति और आकाश को ही नहीं, उन सभी कपल्स को जो अभी शादी के बंधन में बंधे हैं या फिर जल्द ही शादी करने जा रहे हैं, एक-दूसरे से ये वादे करने ही चाहिए।
आइए जानते हैं ज़िदंगी के सफर में हमसफर बने दो अजनबियों को एक-दूसरे से क्या वादे करने चाहिए।
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तेरा मेरा नहीं, सब हमारा है
शादी के बाद दो लोग अपनी ज़िदंगी एक-दूसरे के साथ बांटते हैं। इसलिए ज़रूरी है कि अपनी हर चीज़ भी वो एक-दूसरे से शेयर करें। कई बार ऐसा होता है कि लैपटॉप, मोबाइल, टॉवल जैसी छोटी-छोटी चीज़ें झगड़े का कारण बनती हैं इसलिए इन बातों को इग्नोर कीजिए और अपने पार्टनर के साथ चीज़े शेयर कीजिए।
तुम्हारे मिता-पिता, मेरे माता-पिता
शादी के बाद लड़कियों से ये उम्मीद की जाती है कि वो लड़के के माता-पिता का सम्मान करेंगी। लेकिन शादी के बाद लड़की के घरवालों को, उसके माता-पिता को वो मान नहीं मिल पाता जिसके वो हकदार है।
याद रखिए कि जिस लड़की को आप अपनी पत्नी बनाकर अपने घर ला रहे हैं, वो आपके परिवार को तभी इज़्जत और प्यार दे पाएगी जब आप उसके परिवार वालों के साथ अच्छा बर्ताव करेंगे। शादी से पहले या शादी के बाद अपनी पार्टनर को ये भरोसा ज़रूर दिलवाइए कि जैसे मेरे माता-पिता तुम्हारे माता-पिता हैं, वैसे ही तुम्हारे मां-पापा भी मेरे मां-पापा होंगे।
मेरी तरह तुम्हारी जरूरतें भी जरूरी
अपने पार्टनर की ज़रूरतों का भी उतना ही ख्याल रखिए जितना आप अपनी जरूरतों का रखते हैं। ज़रूरी नहीं है कि आप दोनों की ज़रूरतें एक सी ही हो, इसलिए अगर एक बार आप अपनी ज़रूरत को प्राथमिकता दे रहे हैं, तो अगली बार अपनी पार्टनर की ज़रूरत को भी अपनी ज़रूरत से ऊपर रखिए।
शादी के बाद दोस्तों को छोड़ना जरूरी नहीं
शादी का मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि आपका पार्टनर अपने दोस्तों को पूरी तरह से भूल जाएं। आपके साथ वक्त बिताना, उसकी प्राथमिकता हो सकता है लेकिन दोस्तों के साथ वक्त बिताना भी ज़रूरी है। ये बात आप दोनों को ही समझनी होगी।
कुछ काम तुम करो, कुछ मैं
आजकल लगभग सभी लड़कियां शादी के बाद जॉब करती हैं ऐसे में घर और बाहर दोनों की ज़िम्मेदारियों को मैनेज करना उनके लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
इसलिए ज़रूरी है कि आप अपने पार्टनर की मदद करें। घर के कामों में और रोज़मर्रा की ज़रूरतों में उसका हाथ बटाएं। अगर आपकी पार्टनर हाउस वाइफ है तब भी घर के छोटे-मोटे कामों में उसकी मदद ज़रूर करें।
तुम्हारी इज़्जत ही अब मेरी इज़्जत है
दो अलग-अलग माहौल में पले बड़े लोग जब एक साथ एक बंधन में बंधते हैं, तो कई बार ऐसा होता है कि एक दूसरे कि कुछ चीज़ों के बारे में नॉलेज नहीं होता या फिर कुछ बातें आपका पार्टनर आपसे बेहतर जानता है।
ऐसे में पब्लिकली अगर आपका पार्टनर कुछ गलत कर दे, किसी बात को नहीं समझ पाए तो आप उसका साथ दें। दूसरों के सामने कभी भी उसका मज़ाक ना उड़ाएं। अगर आपका पार्टनर गलत भी है तो पब्लिकली उसे न शंर्मिन्दा करें, बाद में अकेले में समझाएं।
कुछ स्पेस जरूरी
शादी का मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि आप दोनों हमेशा, हर वक्त एक-दूसरे के साथ रहें। अपने पार्टनर को थोड़ा स्पेस दीजिए। थोड़ा समय देना बेहद ज़रूरी है जिसमें आपका पार्टनर वो चीज़े कर सकें, जो उसे खुशी देती हों।
आपकी शादीशुदा ज़िंदगी को खुशहाल बनाएंगे ये सात वचन
यकीन मानिए अगर आप दोनों एक-दूसरे से ये वादे कर लेते हैं और इन वादों को निभाते हैं तो आपकी शादीशुदा ज़िदंगी हमेशा खुशियों से भरी रहेगी।









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